जयपुर|Mahima Jain:राजस्थान में कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो गयी है ऐसे में ओस की बुँदे जमी हुई भी दिखाई दी है ऐसे में प्रदेश में कोरोना का खतरा और भी बढ़ने के आसार चिकित्सको के जरिये लगाए जा रहे है हिमाचल, कश्मीर, उत्तराखंड के मैदानों में बर्फ जमने जैसा नजारा आज राजस्थान के कई शहरों में देखने को मिला। राजस्थान में कल रात प्रदेश में इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही। शीतलहर चलने और गलनभरी सर्दी के कारण चूरू, माउंट आबू, फतेहपुर, जयपुर के जोबनेर में पारा माइनस में चला गया। इस साल पहली बार ऐसा हुआ जब फतेहपुर के अलावा अन्य तीन और जगहों पर पारा जीरो से नीचे चला गया। शेखावाटी अंचल, हिल स्टेशन माउंट आबू, जयपुर समेत कई जगह खुले इलाकों में बर्फ जम गई। बीती रात सबसे कम तापमान फतेहपुर में माइनस 3.8 दर्ज हुआ। कड़ाके की सर्दी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। सब्जियों और रबी की फसल में पाला पड़ने की आशंका बढ़ गई।

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ओस की बूंदें जमी

तापमान की स्थिति देखें तो चूरू में -1.1, जयपुर के जोबनेर में -2, माउंट आबू में -3 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। माउंट आबू में पहली बार ऐसा हुआ जब 24 घंटे के अंतराल में पारा 0 से माइनस 3 पर चला गया। इस कारण आबू में सुबह 9 बजे तक मैदानों में बर्फ जमी नजर आई। आबू में अमूमन पारा 0 के बाद एक-एक डिग्री की गिरावट के साथ माइनस में जाता है। इसके अलावा सीकर, हनुमानगढ़, नागौर, भीलवाड़ा में तापमान 0 से 1 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ।

सर्दी की बात करें तो बीती रात हाड़ कंपाने वाली ठंड रही। पूरा प्रदेश उत्तरी सर्द हवाओं की चपेट में आ गया। खेतों और खुले मैदानों में बर्फ जम गई। जयपुर के जोबनेर में खेतों में सिंचाई के लिए लगे पानी के पाइपों में से पानी की जगह बर्फ के टुकड़े निकले। सीकर के फतेहपुर शेखावाटी में घरों के बाहर खुले में बर्तनों में रखा पानी जम गया। वहीं हिल स्टेशन माउंट आबू में मैदानों में और नक्की झील के किनारे बर्फ परत जमी नजर आई। वहीं जैसलमेर में खेतों में लगे पाइप से निकला पानी भी जम गया।

यूं बचाएं फसलों को
फतेहपुर एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन प्रो. शीशराम ढाका ने बताया कि तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने के बाद सब्जियों की फसलों में पाला पड़ना शुरू हो जाता है। पत्तियां हरी होने के बजाय हल्की भूरी पड़ने लग जाती है। टमाटर, बैंगन, मिर्ची, गोभी जल्दी नष्ट होने की वाली फसलें है। वहीं ज्यादा समय तक तापमान कम रहता है तो रबी की फसल जैसे गेहूं, सरसों, चना, अलसी, जीरा, धनिया, आदि पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। इन फसलों की ग्रोथ रेट 40 से 60 फीसदी तक प्रभावित हो जाती है। उन्होंने बताया कि खेतों में गिरते तापमान को रोकने के लिए किसानों को गंधक के तेजाब का 0.1 फीसदी मिलाकर उसका छिड़काव करना चाहिए, ताकि फसलों को काफी हद तक पाला पड़ने से बचाया जा सकता है।