जयपुर|Mahima Jain:कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने एक बार फिर सभी के होश उड़ा दिए है दिनों- दिन केसेस में इजाफा हो रहा है ऐसे में 2 दिसंबर को भारत में पहली बार ओमिक्रॉन के 2 केस कर्नाटक में मिले और अब सिर्फ 24 दिन के बाद ओमिक्रॉन के केस 400 के पार पहुंच गए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कोरोना वायरस वेरियंट ओमिक्रॉन के केस बढ़ने की रफ्तार अगर जनवरी-फरवरी में यही रही तो मार्च महीने में भारत में डेली कोविड केस का आंकड़ा 1.8 लाख तक जा सकता है। इस पीक पर पहुंचने के बाद देश को करीब 2 लाख कोविड बेड की जरूरत होगी।विशेषज्ञ चेता रहे हैं कि अब हमें गंभीरता से हॉस्पिटलाइजेशन की तैयारियां करनी शुरू कर देनी चाहिए। वहीं राजनीतिक रैलियां, धार्मिक उत्सव और भीड़-भाड़ ओमिक्रॉन संक्रमण के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं।

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में मिले शुरुआती 183 ओमिक्रॉन डेटा का विश्लेषण जारी किया। इसमें से 96 लोगों के वैक्सीनेशन स्टेटस के बारे में जानकारी उपलब्ध रही। इन 96 लोगों में से 87 लोग पूरी तरह वैक्सीनेशन थे, इसमें से 3 लोगों ने बूस्टर डोज भी लिया हुआ था। दो लोगों ने वैक्सीन का सिर्फ एक डोज ही लिया था, वहीं 7 लोगों ने वैक्सीन नहीं ली थी। इसका मतलब है कि कोविड वैक्सीन ले चुके लोग भी ओमिक्रॉन वेरियंट से संक्रमित हो रहे हैं। लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि वैक्सीनेडेट लोगों पर ओमिक्रॉन का घातक असर नहीं होता है।

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ओमिक्रॉन के केसेस में इजाफा

ओमिक्रॉन वेरियंट कितनी तेजी से फैलता है आप इस बात का अंदाजा सिर्फ इसी डेटा से लगा सकते हैं कि मार्च 2020 में कोविड संक्रमण ने जब भारत में दस्तक दी थी, तो शुरुआती 25 दिनों में कोविड के सिर्फ 62 केस ही आए थे. लेकिन ओमिक्रॉन के इतने ही वक्त में करीब 450 केस आ चुके हैं।

पीक बनेगा तो एक साथ 2 लाख बेड की जरूरत होगी’

जनवरी के आखिर में ओमिक्रॉन का असली कहर देखने को मिलेगा। पिछले 3-4 दिनों में कोविड के केस दोगुने हो गए हैं। यही डबलिंग टाइम धीरे-धीरे कम होता जाएगा और मार्च में ओमिक्रॉन केस भयानक तेजी से बढ़ेंगे। फरवरी में इसका जब पीक बनेगा तो तब करीब 2 लाख डेली कोविड केस आ सकते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो हॉस्पिटलाइजेशन की भी तैयारी अभी से शुरू करनी होगी। दूसरी लहर में डेल्टा वेरियंट के दौरान 5 में से 1 केस को हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ी थी। लेकिन साउथ अफ्रीका, यूके और डेनमार्क के अनुभव को देखें तो ओमिक्रॉन केसेज में 10 में से 1 केस में हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ेगी। इसलिए जब मार्च के में तीसरी लहर का पीक बनेगा तो एक साथ 2 लाख बेड की जरूरत होगी।

साउथ अफ्रीका में ओमिक्रॉन वेरियंट बड़े पैमाने पर वैक्सीन इम्यूनिटी को बाइपास कर रहा है, कुछ हद तक ये नेचुरल इम्यूनिटी को भी बाइपास कर रहा है। भारत में भी इम्यूनिटी का स्तर साउथ अफ्रीका जैसा ही है, इसलिए भारत में भी ओमिक्रॉन वैक्सीन इम्यूनिटी और नेचुरल इम्यूनिटी को बाइपास कर रहा होगा।

‘कम इम्यूनिटी वालों के लिए ओमिक्रॉन घातक

हमारे सामने तथ्य मौजूद है कि कोरोना का ओमिक्रॉन वेरियंट, डेल्टा वेरियंट के मुकाबले 3 गुना तेजी से फैलता है। पूरे भारत में सिर्फ ओमिक्रॉन का कहर ही है ऐसा नहीं है, अभी भी डेल्टा वेरियंट का ही संक्रमण ज्यादा हो रहा है। लेकिन ओमिक्रॉन भी अब तेजी से फैल रहा है। अगर लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं करेंगे तो ये ज्यादा तेजी से फैल सकता है। अगर राजनीतिक रैलियां, धार्मिक उत्सव और भीड़-भाड़ जारी रहेगा तो ओमिक्रॉन का संक्रमण आसान हो जाएगा।

सरकार अपनी जगह तैयारियां कर रही हैं। लेकिन लोगों को समझना होगा कि उन्हें ही अपने परिवार का ख्याल रखना होगा। ओमिक्रॉन डेल्टा की तरह ज्यादा घातक नहीं है लेकिन ये ज्यादा तेजी से फैलता है। हो सकता है कि ओमिक्रॉन का स्वस्थ और युवाओं पर कोई असर भी ना हो लेकिन आप इसके लिए बेस्ट कैरियर हो सकते हैं। ऐसे में अगर आपके घर में कोई कम इम्यूनिटी वाला शख्स है तो ओमिक्रॉन उसके लिए घातक हो सकता है।